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तीन विष्णु

सांख्य विकास के सिद्धांतों को विस्तार से बताता है, जो महत से पुरुष, प्रकृति, अहंकार, तीन गुण, बुद्धि, पांच तन्तर, पांच तत्व, कार्रवाई के पांच अंग, ज्ञान के पांच अंगों तक है। विष्णु का ही रूप गर्भोदकशी विष्णु है।

शिव विष्णु ब्रह्मा का गोत्र क्या है

विष्णु नारायण का एक पहलू है ।
विष्णु शब्द संस्कृत मूल जिष्णु से है
'विष्णु जीशन्नम महाविशन्नम प्रभा विष्णम महेश्वरम' - विष्णु सहस्रनाम।
जिष्णु का अर्थ है 'सहायक, सहायक'
जैसा कि विष्णु रक्षक हैं और ब्रह्मांड का समर्थन करते हैं,उन्हें विष्णु कहा जाता है ।
नारायण ब्रह्म,वास्तविकता का एक पहलू है ।
और विष्णु नारायण का एक पहलू है ।
नारायण शब्द की दो व्याख्याएँ हैं ।